उपचार एवं रोग
पंचकर्म थेरेपी
पंचकर्म एक गहन शोधन और पुनर्जीवन (रिजुवनेशन) थेरेपी है, जो शरीर में जमा विषाक्त पदार्थों को दूर कर प्राकृतिक संतुलन स्थापित करने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को सहारा देने में मदद करती है।

वमन
औषधीय वमन (थेरैप्यूटिक इमेसिस)
मुख्य रूप से अधिक कफ दोष को शरीर से बाहर निकालने के लिए किया जाने वाला चिकित्सीय वमन क्रिया। पुरानी खाँसी, अस्थमा, एलर्जी, कुछ त्वचा रोग और मोटापा आदि में लाभकारी।

विरेचन
औषधीय विरेचन (थेरैप्यूटिक पर्गेशन)
नियंत्रित औषधीय विरेचन के माध्यम से आँतों और यकृत (लिवर) की कोमल सफाई, जिससे अतिरिक्त पित्त और गहरे बैठे विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। एसिडिटी, लिवर विकार, त्वचा रोग और पुरानी कब्ज में सहायक।

बस्ति
औषधीय बस्ति थैरेपी
पंचकर्म की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक, जो गहराई से वात दोष पर कार्य करती है। जोड़ों के स्वास्थ्य को सहारा देती, कमर दर्द एवं साइटिका में राहत, पाचन सुधार और कई पुरानी स्थितियों में लाभकारी।

नस्य
नासिक शोधन थैरेपी
नाक के माध्यम से औषधीय तेलों का नियंत्रित प्रयोग, जिससे सिर और गर्दन क्षेत्र की शुद्धि और पोषण होता है। साइनस, माइग्रेन, बार-बार सर्दी, एलर्जी तथा श्वसन क्रिया सुधार में उपयोगी।

रक्तमोक्षण
चिकित्सीय रक्तस्राव
विशिष्ट स्थानों से दूषित रक्त को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालने की विशेष प्रक्रिया। त्वचा रोग, वैरिकोज वेन्स, स्थानीय दर्द एवं सूजन और कुछ पुरानी सूजन संबंधी स्थितियों में सहायक।

अभ्यंग
औषधीय तेल मालिश
पूरा शरीर पर किया जाने वाला आयुर्वेदिक तेल मालिश, जो रक्त संचार को बेहतर बनाता है, ऊतकों को पोषण देता है और शरीर को गहराई से आराम देता है।

शिरोधारा
तेल धारा थैरेपी
माथे पर लगातार गुनगुने औषधीय तेल की धारा बहाने से किया जाने वाला शांतिदायक उपचार, जो तनाव, चिंता और मानसिक थकान को कम करने में सहायक है।
वे रोग जिनका हम उपचार करते हैं
आर्थराइटिस एवं जोड़ों के विकार
सूजन कम करने, शरीर का शोधन करने और जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए आंतरिक औषधि, बाह्य थेरेपी और आहार का समन्वित उपयोग।
डायबिटीज एवं मेटाबॉलिक विकार
हर्बल औषधियाँ, व्यक्ति विशेष पर आधारित आहार योजना, जीवनशैली सुधार और वज़न प्रबंधन के माध्यम से संतुलित देखभाल।
त्वचा संबंधी रोग
एक्जिमा, सोरायसिस, मुंहासे और अन्य पुरानी त्वचा समस्याओं के लिए प्राकृतिक हर्बल उपचार और आंतरिक शोधन थेरेपी।
पाचन विकार
पाचन क्षमता बढ़ाने, मेटाबॉलिज्म को संतुलित करने और एसिडिटी, IBS, कब्ज व पेट फूलने जैसी समस्याओं के प्रबंधन के लिए योजनाबद्ध उपचार।
तनाव, चिंता एवं नींद संबंधी समस्याएं
शिरोधारा, रिलैक्सिंग मसाज, हर्बल औषधियाँ और जीवनशैली परामर्श के माध्यम से नर्वस सिस्टम को शांत कर बेहतर नींद में सहायता।
